रविवार, 3 मई 2009

प्रेम में विकल्प

सच्चे प्रेम में विकल्प नही है
किसने कहा है ?

सच्चे प्रेम में विकल्प ढेरों हैं
मीरा बने विष का प्याला पी जाए
राधा बने, उस भुवनमोहन को अपनी अँगुलियों पर नचाये
द्रोपदी सखी बनकर सौ उलाहने दे जाए
गोपियाँ बने, कान्हा संग रास रचाए
सत्यभामा बने, कृष्ण को तराजू पर तुलवाए
सच्चे प्रेम में विकल्प ढेरों है
प्रेमी यदि श्रीकृष्ण है


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