गुरुवार, 24 दिसंबर 2009

Merry X-mas.............



Two things upon this changing earth can neither
change nor end; the splendor of Christ's humble birth,
the love of friend for friend।
Merry X-mas.............




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मुझमे मेरा विश्वास


जिंदगी
की उबड़ खाबड़ पगडण्डी पर चलते हुए कई बार राह बहुत कठिन हो जाती है ... पथरीली राहें पैरो को लहू लुहान कर जाती है ...तो राह के कांटे भी गहरी टीस दे जाते हैं .... मगर आपका ख़ुद अपने पर विश्वास हो तो ....राह के कंटीले पंथ ख़ुद आपका रास्ता छोड़ कर खड़े हो जाते हैं....






रूखे सूखे थे होंठ कभी बिखरे भी हुए थे बाल
विदीर्ण
हुआ था ह्रदय कभी ना सध पाती थी चाल

ख़त्म होने को लगती थी जीवन की हर आस
मगर
नही टूटा जो वो था मुझमे मेरा विश्वास .....

अपनों
ने फेरी थी नजरें गैरों के भी थे व्यंग्य बाण
हर
अंगुली उठ जाती थी कम करने को आन और मान

घिरते थे संशय के बादल शाम होती थी उदास
मगर
नही टूटा जो वो था मुझमे मेरा विश्वास ......

मुश्किल
लगती थी हर डगर पलकों पर अटके थे मोती
कम
हुई चेहरे की रौनक उम्मीदों की बुझती थी ज्योति

ख़त्म होने को लगता था जीवन का मधुमास
मगर
नही टूटा जो वो था मुझमे मेरा विश्वास.....



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20 टिप्‍पणियां:

  1. क्या बात है !!
    ये विश्वास टूटना भी नहीं चाहिए किसी भी कीमत पर...
    कहते हैं न...अगर खुद पर यकीन हो तो सारी कायनात आपके साथ हो जाती है...
    बहुत ही ऊर्जापूर्ण कविता.....
    क्रिसमस के उपलक्ष में बहुत अच्छा सन्देश देती हूँ...
    तुम्हें और सभी पाठकों को बड़े दिन कि बधाई....!!!

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  2. विश्वास ही तो आदमी को हर थपेडों को सहने के लिये और नयी उर्जा के साथ पुन: पुनश्च हर विसंगतियो को सहने के लिये ताकत देता है.
    सुन्दर रचना

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  3. बहुत उम्दा!! सुन्दर रचना!

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  4. बहुत सुन्दर रचना!
    क्रिसमस पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

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  5. मुझमे मेरा विश्वास..... ! आशावाद की सुन्दर रचना ,
    क्रिसमस आपको भी शुभ हो !

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  6. बहुत अच्छी रचना। क्रिसमस पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई।

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  7. बहुत अच्छी कविता। क्रिसमस पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई।

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  8. मगर नही टूटा जो वो था मुझमे मेरा विश्वास.....

    .अच्छी रचना क्रिसमस की बहुत शुभकामनाएं !!

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  9. "मगर नहीं टूटा जो वो था मुझमें मेरा विश्वास ।"- स्वयं में, स्वयं के कर्म में विश्वास विशेषता है आपकी ।

    क्रिसमस के मौके पर इस सुन्दर रचना का आभार ।

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  10. दी.... मेरी क्रिसमस....

    कविता बहुत सुंदर है.... बेहतरीन शब्दों के साथ एक खूबसूरत कविता.....

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  11. सही कहा आपने , जब अपने नजर फेर लेते हैं तो गैर
    व्यंग्य - बान ज्यादा ही मारते हैं ...
    .......... सुन्दर रचना , आभार ,,,

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  12. विश्वास रखो तो मंजिल कामयाबी कदमो मै होती है, आप ने बहुत सुंदर रचना लिखी

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  13. बहुत ही प्रेरणादायक रचना...खुद पर असीम विश्वास ही पथरीले,खुरदरे जमीन को भी सहज और सुगम बना देता है

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  14. बेहद उम्दा रचना पढ़ने को मिली.

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  15. बहुत अच्छा लिखा है, मैम।
    मगर नहीं टूटा था....बहुत खूब!

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  16. सही कहा..हमको एक विश्वास ही फिर से खड़ा कर सकता है। जब विश्वास खड़ा करता है गिरे हुए को, तो उसकी ऊर्जा देखकर मुश्किलें भी थर्थरा उठती हैं।

    खुद के लिए कबर खोदने से कम न होगा

    माँ

    औरत का दर्द-ए-बयां

    कैमरॉन की हसीं दुनिया 'अवतार'

    शौचालय और बेसुध मैं

    अहिंसा का सही अर्थ

    "हैप्पी अभिनंदन" में राजीव तनेजा

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  17. बहुत सुन्दर , प्रेरणा देती रचना बस आदमी का विश्वास न टूटे तो ज़िन्दगी मे कुछ भी नहीं जो वो पा न सके । बहुत बहुत शुभकामनायें आपका ये विश्वास यूँ ही बना रहे।

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  18. लाजवाब.....तस्वीर उससे भी लाजवाब .......!!

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  19. लाजवाब लिखा है ........ विश्वास हो तो इंसान हर बाधा को पार कर लेता है ...... आशा का पल्लू थम कर विश्वास से दुनिया जीती जा सकती है ...........

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  20. बहुत सुन्दर - अपने आप में विश्वास ही धर्म की तरह अन्त तक साथ निभाता है! युधिष्ठिर के साथ स्वर्गारहण में जाने वाले श्वान (धर्मराज) सा।

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