मंगलवार, 17 सितंबर 2013

जन्मदिन हमारा , आभार तुम्हारा .....

पिछले वर्ष जन्मदिवस पर शुभकामनाये देते हुए एक फेसबुक मित्र ने कहा कि  फेसबुक को धन्यवाद देना होगा कि लगभग 30 वर्ष बाद तुम्हे  शुभकामनायें  दे रहा हूँ। 
एक ही कॉलोनी में , एक ही विद्यालय में साथ बड़े हुए हम लोग.  कॉलोनियों में सभी पारिवारिक सदस्य होते हैं।  मित्रता होने का तो सवाल ही नहीं  क्योंकि उन दिनों किसी को मित्र कहने का रिवाज़ भी नहीं था , लड़कियों के लिए तो बिलकुल भी नहीं ! खैर , मैंने उसकी शुभकामनाओं को सुधारते हुए कहा " शायद , पहली बार दे रहे हो , क्योंकि मुझे भी याद नहीं कि जन्मदिन मनाया कब था " .साथ ही मेरी लेखन -प्रतिभा (कभी कभी मियां मिठू बनने  का हक़ तो हमारा भी है !! ) से अचंभित हुए बिना भी नहीं रहा, तुम कविता -कहानियां भी लिख  सकती हो , हमने कभी सोचा नहीं था  !

अंतरजाल और  फेसबुक ने दिल और दिमाग को खोलने , संकोच को दूर करने में भरपूर भूमिका निभाई , कहना ही होगा। फेसबुक की बदौलत ही अब तक के जीवन में सबसे ज्यादा दुआएं और शुभकामनायें प्राप्त की। 
कैसे कहें कि अंतरजाल अपनों से दूर करता है क्योंकि शुभकामनायें देने वालों में मित्र और सम्बन्धी  सभी थे ! झोली भर गयी दुआओं से इतनी कि  फेसबुक टाईमलाईन पर सभी को पढना ही मुश्किल हो गया !  

दरअसल मेरी जिंदगी में यह पहली बार हुआ क्योंकि हम उन पारंपरिक परिवारों में जन्मे हुए प्राणी है जहाँ लड़कियों की कुंडली नहीं बनवाई जाती थी , जन्मदिन भी नहीं मनाया जाता था। 

माँ बताती हैं कि जब परदादी को मेरे जन्म का समाचार मिला तो एक बार  उन्होंने मुंह फेर लिया था , मगर अस्पताल से घर आने के बाद उनकी नाराजगी ज्यादा देर नहीं रही।  यहाँ तक कि खाना खाने से पहले मुझे झूले में आवाज देती थी " आजा जीमें ", और मैं इतनी नालायक कि जिस दिन वो पहले भूल जाती , उनके आवाज़ देने पर मैं भी मुंह फेर लेती।  ( सच  माने , जन्म से लेकर आजतक यह नालायकी बरकरार है यूँ ही , किसी को जो सोचना है सोचे !).  अजीब लगता होगा कि इतने छोटे बच्चे को यह सब कैसे पता चलता होगा ,  मैं भी यकीन नहीं करती यदि मैंने अपनी बेटी को भूख लगने पर कुछ  माह की उम्र में दूर ताक पर रखे सेरेलक के डब्बे की ओर  मुंह कर हाथ -पैर चलाते ना देखा होता !  
खैर , माँ की बदौलत एक  जन्मदिन मनाया  हुआ आज भी स्मृतियों में हैं।  

जन्मकुंडली नहीं होने के कारण जन्मतिथि को लेकर भी कुछ संशय रहा , परिणाम स्वरुप महीने में तीन दिन जन्मदिन मनाने का शुभावसर प्राप्त  होता है।  कल सबकी शुभकामनयें स्वीकारते देख बेटी खूब हंसी  - ये अच्छी बात है . हम भी दो बार मनाएंगे जन्मदिन .
दुआएं जितनी भी मिले , कम है ! जिस बहाने भी दुआएं बटोरी जा सकें।  हालाँकि  यह हुनर मैंने बहुत देर से सीखा। 

स्कूली दिनों में  तीन भाइयों की इकलौती बहन का जन्मदिन धूमधाम से बयाकादा स्टेज और कुर्सियां लगाकर मनाते देख बालमन उसके स्थान पर खुद को देखने की कल्पना भी कर लेता था , हालाँकि अब इस उम्र में यह सब चोंचला ही ज्यादा लगता है।  

तो जब जन्मदिन मनाया ही नहीं जाता था तो किसी को बताने में भी संकोच होता रहा की फलाना दिन हमारा जन्मदिन है, माँ जरुर उक्ततिथि को याद कर लेती कि आज के दिन यह जन्मी थी । 
 ये तो बड़े होने पर एक -दो स्कूली मित्रों ने सर्टिफिकेट पर लिखी जन्मतिथि देखकर बधाई और कार्ड देने शुरू किये।  विवाह के बाद पतिदेव मनाने लगे जन्मदिन।  किसी वर्ष भूल जाएँ यह संभव ही नहीं हुआ और अब तो बच्चे भूलने ना दें किसी को भी .
ढोल- नगाड़े पीटकर पास- पड़ोसियों को ना बता दें .यही गनीमत है !!

तो कुल मिलाकर बात यह है कि अंतरजाल के जरिये मित्रों / सखी / सहेलियों /सम्बन्धियों को उनकी शुभकामनाओं के लिए बहुत -बहुत धन्यवाद , आभार !

अपना स्नेह यूँ ही बनाये रखें !

और जिसने नहीं दी शुभकामनायें , उनको भी देख लेंगे :) 

25 टिप्‍पणियां:

  1. वाणी शर्मा जी आपका जन्मदिन की हार्दिक शुफकामनाएँ।

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  2. हमने तो सबसे पहले दे दी थी जी अब लगे हाथ यहां भी दिए देते हैं ढेरम ढेर बधाई और शुभकामनाएं

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  3. आपको जन्‍मदिन की शुभकामनाएं।

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  4. वाणी ,

    आप तो हमें देख ही लेना :):) फेस बुक पर अनियमित हूँ तो पता ही नहीं लगा कि कल आपका जन्मदिन था .... देर आए दुरुस्त आए ....

    जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें ....आपका आँचल सबकी दुआओं से यूं ही भरा रहे ....

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  5. badhai lae lae aglae saal kae liyae , sabsey pehlae mae dae rahii hun
    belated kehane sae yae behtar vikalp hotaa haen

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  6. जब आप दूसरों पर इतना प्यार उड़ेलेंगीं, तो आपकी झोली कैसे खाली रह सकती है... :)

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  7. जन्मदिन की हार्दिक बधाई .... हमारा हाल भी संगीताजी जैसा ही है , तो अब स्नेहमयी शुभकामनायें स्वीकारें

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  8. दामन दुआओं और खुशियों से यूँ ही भरा रहे.
    इन छोटी छोटी खुशियों के सिवा दुनिया में और रखा क्या है :).

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  9. chaliye yahaan bhi hazari banaa dete hain
    kya karen bahut barish hone se
    abhi net dhimi gati se chalane lagaa
    aur muaa hindi likh hi nahi rahaa
    hardik shubhkamnayen

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  10. हम तो भी तक फेसबुक तक नहीं पहुँच पाए इसलिए देरी से आए ... पर फिर भी आपको जनम दिन की बहुत बहुत शुभकामनायें, बधाई .... आप खुश रहें ... जीवन में सभी खुशियां आसानी से मिलती रहें ...

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  11. जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  12. फ़ेसबुक पर कम जाते हैं इसलिये देर से यहां शुभकामनाएं दे रहे हैं, हमारा नाम देख लेने वालों की लिस्ट से हटाये जाने का सादर अनुरोध करते हैं.:)

    रामराम.

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  13. तीनों दिन की बधाई हो! लड़कियों की कुंडली नहीं बनवाने की बात पहली बार जानी. मैं तो समझता था कि पहले लगभग - १. सबके विवाह होते थे, २. सभी विवाह कुण्डली मिलान से होते थे, 3. लड़के लड़की, सभी की कुण्डली बनाती थी.

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  14. उलटे ग्रह नक्षत्रों के भय से कुंडली नहीं बनवाई जाती थी !

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  15. जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई ! रोचक पोस्ट !

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  16. अज़ी देखने की ज़रुरत नहीं !
    जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई।

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  17. बहुत बहुत बधाई आपको जन्मदिन की!

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  18. जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनायें वाणी जी !

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  19. देर से सही - शुभकानाएं लीजिये जन्मदिवस की! शुभ की कामना पुरानी नहीं पड़ती।

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  20. .फेसबुक पर तो दी थी यहाँ भी ले लीजिये :-)

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