ज्ञानवाणी

दिल दिमाग की रस्साकशी

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शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

चाह्ते कैसी- कैसी !

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अलसुबह जो गीत सुन लो , बरबस ही लब पर चढ़ जाता है और दिन भर उसी गीत की धुन लगी रहती है ...अभी एक दिन सुबह पहले अली जी की पोस्ट " तुम्...
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