ज्ञानवाणी

दिल दिमाग की रस्साकशी

जख्म लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
जख्म लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 3 अप्रैल 2014

भीतर भरते रहना प्रेम का ……

›
उस दिन किस बारीकी से का वह बंद कोना छुआ उसने  कि कोई सोया दर्द फिर से जाग उठा ...जब उसने  कहा कि कुछ घाव जो सूखे बिना भर जाते हैं , ज...
18 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

योगदान देने वाला व्यक्ति

  • वाणी गीत
  • वाणी गीत
Blogger द्वारा संचालित.