ज्ञानवाणी

दिल दिमाग की रस्साकशी

नज़्म .... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
नज़्म .... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, 13 मार्च 2010

दोस्त बनकर गले लगाता है वही ......पीठ पर खंजर भी लगाता है वही

›
दोस्त बनकर गले लगाता है वही पीठ पर खंजर भी लगाता है वही वफ़ा की रोज नयी कसमे उठाता है करवट बदलते ही बदल जाता है वही ...
18 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

योगदान देने वाला व्यक्ति

  • वाणी गीत
  • वाणी गीत
Blogger द्वारा संचालित.