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रविवार, 1 अगस्त 2010
" गुलज़ार को भी कोई नापसंद कैसे कर सकता है भला "
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पकिस्तान के दीना शहर में जन्मे गुलज़ार का वास्तविक नाम समपूरन सिंह कालरा है ... बेहतरीन गीतों , नज्मों ,...
41 टिप्पणियां:
रविवार, 22 नवंबर 2009
तुम याद आए ...बहुत याद आए
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तुम्हारा हाथ हाथ में लिए नहर के किनारे सरसों के खेतों की पगडंडियों पर गुनगुनी धूप में देर तक चलते दूर जाती ट्रेन की आवाज ...
26 टिप्पणियां:
सोमवार, 26 अक्टूबर 2009
जा कर दिया आजाद तुझे
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जा कर दिया आजाद तुझको दिल की गहराईयों से ना माने तो पूछ लेना अपनी ही तन्हाईओं से बादे सबा नही लाएगी अब कोई भ...
19 टिप्पणियां:
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