ज्ञानवाणी

दिल दिमाग की रस्साकशी

पत्रकारिता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
पत्रकारिता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, 6 जनवरी 2014

रोशनी है कि धुआँ .... (4 )

›
(तेजस्वी की कहानी को कम में समेटना चाहती थी , मगर नए किरदार जुड़ते जा रहे हैं , कैसे लिखोगी कम में , हमें अनसुना कर ! यह कहानी उपन्यासिक...
17 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 4 दिसंबर 2013

रोशनी है कि धुआँ ......(1)

›
करीने से सजा कर रखे गए लाल बड़े अक्षरों से लिखा नाम " वायब्रेंट  मिडिया  हाऊस    " . शीशे की पारदर्शी दीवारों से झांकती अन्तः...
25 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

योगदान देने वाला व्यक्ति

  • वाणी गीत
  • वाणी गीत
Blogger द्वारा संचालित.