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शुक्रवार, 9 मई 2014
रोशनी है कि धुआँ..... (8 )
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मध्यम वर्ग में पली बढ़ी तेजस्वी अपने तेज के दम पर ही आगे बढती आयी है , कार्यालय की मुसीबतों से लड़ कर विजयी होते इस बार उसने लडाई लड़ी अ...
21 टिप्पणियां:
शनिवार, 19 अप्रैल 2014
रोशनी है कि धुआँ..... (7)
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अपने नाम को सार्थक करती तेजस्वी लौटी अपने शहर , उसकी सहेली सीमा की जिंदगी में आये तूफ़ान से रूबरू हो रही है , झिझकते , सिसकते , रोते सीमा ...
11 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 11 अप्रैल 2014
रोशनी है कि धुआँ … (6 )
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मध्यमवर्ग परिवार की तेजस्वी अपने संघर्ष और मेहनत की बदौलत मिडिया में कर्मठ व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। नाम और यश प्...
17 टिप्पणियां:
शनिवार, 15 फ़रवरी 2014
रोशनी है कि धुआँ … (5 )
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सामान्य मध्यमवर्ग परिवार की तेजस्वी ने अवरोधों के बावजूद पत्रकारिता में रूचि बरकरार रखते हुए मिडिया हाउस में अपना कार्य जारी रखा। शुरूआ...
14 टिप्पणियां:
सोमवार, 6 जनवरी 2014
रोशनी है कि धुआँ .... (4 )
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(तेजस्वी की कहानी को कम में समेटना चाहती थी , मगर नए किरदार जुड़ते जा रहे हैं , कैसे लिखोगी कम में , हमें अनसुना कर ! यह कहानी उपन्यासिक...
17 टिप्पणियां:
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