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शुक्रवार, 9 जुलाई 2010
धुन्धलाया सूरज
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सुबह सबेरे उगता सूरज कितना प्यारा लगता है ...अंधियारे को चीरता सतरंगी किरणें बिखेरता ...सब कुछ धुला धुला सा , पाक साफ़ सा .. नहा धो कर पूजा...
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