ज्ञानवाणी

दिल दिमाग की रस्साकशी

गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

जात ना पूछो साधू की ......, छाया का भ्रम ...दो संकलित प्रेरक प्रसंग

›
रेल में यात्रा कर रहे एक तिलकधारी सेठ ने जब अपने भोजन का डिब्बा खोलना चाहा तो पास ही बैठ खद्दरधारी नेता को देखकर उसे कुछ शंका हुई। सेठ ने कह...
27 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 8 अप्रैल 2010

लिख ही दूँगी फिर से प्रेम गीत ....

›
लिख ही दूँगी फिर कोई प्रेम गीत अभी जरा दामन सुलझा लूं .... ख्वाब मचान चढ़े थे कदम मगर जमीन पर ही तो थे आसमान की झिरियों से झांकती थी टिप - टि...
39 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 26 मार्च 2010

लापता हुए गाँवों और कस्बों का पता ...लापतागंज में जरुर देखे ....

›
गाँधीजी का कहना था कि " भारत का ह्रदय गांवों में बसता है"। आज भी हमारी ८५ प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। गाँव में ही भारत की सच...
25 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

योगदान देने वाला व्यक्ति

  • वाणी गीत
  • वाणी गीत
Blogger द्वारा संचालित.