ज्ञानवाणी
दिल दिमाग की रस्साकशी
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012
हमारा जमाना , तुम्हारा जमाना ..
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वार्तालाप के दौरान कई बार मुंह से फिसल ही जाता है . हमारे ज़माने में ऐसा होता था ,वैसा होता था . पिता के साथ धौल धप्पा करते उनके सिर चढ़े ब...
28 टिप्पणियां:
मंगलवार, 31 जनवरी 2012
नृत्य भी ईश्वर के रूबरू होने का एक ज़रिया है !
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चौंसठ कलाओं में से एक प्रुमख कला है नृत्य -कला. विभिन्न हाव भाव के साथ एक लयबद्ध रूप में घूर्णन को ही नृत्य कहा जाता है . मानव के इतिहास ...
22 टिप्पणियां:
सोमवार, 19 दिसंबर 2011
जिंदगी सबकुछ सिखा देती है .....
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लगभग एक महिना हुआ इस ब्लॉग पर कुछ भी लिखे हुए . वैसे तो कौन लेखन महारथी है या ब्लॉग अथवा फेसबुक पर दोस्तों की बहुत लम्बी लिस्ट है जो इतना लम...
36 टिप्पणियां:
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