ज्ञानवाणी
दिल दिमाग की रस्साकशी
बुधवार, 9 जुलाई 2014
द्विरागमन .... (2)
›
मुझे लगता था कहीं भीतर से आती उसकी आवाज - तुम सब कुत्ते ही होते हो , सब एक जैसे। गोश्त चूस लेने के बाद हड्डियां चुभलते रहने वाले कुत...
24 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 27 जून 2014
द्विरागमन .... (1)
›
"We All are Dogs !" कह दिया मैंने और उसकी प्रतिक्रिया को परखता रहा। पिछले जितने समय से उसे जानता था उसे लगा था कि वह बुरी...
14 टिप्पणियां:
गुरुवार, 22 मई 2014
संत हृदय नवनीत समाना ....
›
सद्जनों की संगति आचार /विचार और व्यवहार में परिवर्तन लाती ही है , ऐसे लोग संख्या में कम होते हैं जिन पर इसका विशेष प्रभाव नहीं होता ! माँ ...
18 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें