ज्ञानवाणी
दिल दिमाग की रस्साकशी
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2009
अब जो आओ बापू ..!!
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देश में जो हाहाकार मची है मारकाट चीखपुकार मची है टुकड़े टुकड़े हो जाए ना आर्यावर्त कहीं खो जाए ना जाति पांति की हाट सजी है मजहब की दीवार चुनी ...
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मंगलवार, 22 सितंबर 2009
जनता को गुलाम बनाये रखने के खास उपाय ...दिमाग के घोडे दौडाएं ...कुछ उपाय आप भी बताएं
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क्या आप जानते हैं ...अंग्रेज मासूम भारतीयों (पाकिस्तानी और बंगलादेशी भी गिन लीजिये ) पर पूरे 100 वर्षों तक निरंकुश शासन किस प्रकार कर पाए .....
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बुधवार, 16 सितंबर 2009
बे - बहर ख्याल
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ख्याल कुछ बे - बहर से तन पिंजर मैं कैद सही भीतर मन आजाद है छितराए से हैं पंख बहुत बेखौफ मगर परवाज़ है थके रु...
32 टिप्पणियां:
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