ज्ञानवाणी
दिल दिमाग की रस्साकशी
चंद अल्फाज़
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
चंद अल्फाज़
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 11 जून 2009
गुल या खार
मैं
गर गुल हूँ तो वो नहीं
जो सदाबहार है
मैं वो गुल
हूँ
जिसे चंद लम्हों में मुरझाना है
मैं
गर खार हूँ तो वो नहीं
जो गुलों का हिफाजती है
मैं वो खार हो
जो हरदम आँखों में खटका है
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
मोबाइल वर्शन देखें
सदस्यता लें
संदेश (Atom)