रविवार, 20 दिसंबर 2009

आप कभी झगड़ते नहीं .....!!

मेरी सबसे प्रिय पत्रिका " अहा ! जिंदगी " के एक अंक का एक शीर्षक " सुख के लिए झगडा करो " ने मुझे बहुत प्रभावित किया ....अपनी सुविधा से मैंने इसमें कुछ परिवर्तन किया है ...
"
प्रेम के लिए झगडा करो " ...


बहुत पहले किसी पत्रिका से अपनी डायरी में ये अंग्रेजी कविता नोट की थी ...
 कभी झगडा नहीं करने वाले .. क्या कुछ खो देते हैं ...
देखिये इस कविता में ....



Lovers Quarrel

Today
Once again
I have fought with you....
And I swore as usual
Never to talk to you
Anytime .....Anymore .....
but that was so long ago
(seven and half minutes to be exact )......

And now
Once again
I want to shout
To laugh
To cry
with you

But No
I won't
I'll hide my feelings
cause I want you
to sit by my side
And woo me
With your winsome word....

I want you to give me
That innocent look of
Unknown Guilt
And hide your head in my lap
And ask me affectionately
To fondle your hair
Like so many times
You have done before

I am dying to see
The radiance of all Million Stars
When I finally smile at you
And I know
You'll clasp me to your chest
And coddle me in your arms
When I 'll hide my face
And smile at your engaging
Innocence
And at the tricks that I play on you
And be again
On the look - out ...


लोर्ड मैकाले की कृपा से उनकी नौकरी करने लायक अंग्रेजी ही सीख पाए हैं ताकि अंग्रेजी शिक्षा में उनके योगदान को भुलाये नहीं और थोडा बहुत खुद समझ ले ...इसलिए अनुवाद की अपेक्षा मत कीजियेगा ...वैसे सभी पढ़े लिखे बंधू बांधवऔर बंध्वियाँ है ब्लॉग पर .....इसलिए इतनी अंग्रेजी तो समझ आ ही जायेगी ...


......................................................................................................................................................

27 टिप्‍पणियां:

  1. दी.... आपकी यह पोस्ट बहुत अच्छी लगी...... मैंने भी इंग्लिश में अब तक के कोई पांच हज़ार कवितायें लिखी हैं...... कुछ लव पोएम्स मेरी भी बहुत फैमस हुई हैं,..... मेरी इंग्लिश पोएम्स को पढने के लिए इस लिंक को ज़रूर देखेइयेगा.....





    http://www.poemhunter.com/mahfooz-ali/

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  2. कविता और लेख सुन्दर है!
    परन्तु कविता का हिन्दी अनुवाद भी होता तो
    ज्याद अच्छे से समझ जाते।

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  3. सही कहा आपने ,
    डायरी ब्लॉग को समृद्ध करती है ..
    राव साहब को देख कर तो ऐसा ही लगता है ..
    अंगरेजी कमजोर है मेरी , इसलिए कविता को
    वैसे ही नहीं समझ पाया जैसे हिन्दी की ..
    जितना समझा , अच्छा लगा ..
    .......... आभार ,,,

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  4. आईला आंग्ल भाषा...!!!
    और ये क्या हो रहा है भाई....इतना कुछ...???
    कोई guilty महसूस कर रहा है...कोई innocent ...कोई मुस्कुरा रहा है कोई मुंह छुपा रहा है...इतने सारे tricks ....हे भगवान् !! आप तो ऐसे न थे...:):)
    लेकिन कविता का जवाब नहीं...
    It has got emotion, expression, explanation and above all, perfect situation, specially in the last para....bravo..
    Jiyo...Jiyo

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  5. लाजवाब व बेहद उम्दा एहसास मिला पढ़ने के बाद ।

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  6. awesome.........pyar mein takrar bhi jaroori hai...........jyada meetha zahar ban jata hai.

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  7. बहुत सुन्दर कविता है। सही बात है जब तक कडुवा न खाया जायें मीठे का स्वाद कैसे पता चले । शुभकामनायें

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  8. बहुत ही अच्छी कविता है ....... आपका बेहद शुक्रिया ....

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  9. छी ही होगी. सही बात ये है कि अपने को अंग्रेजी आती कोनी.

    रामराम.

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  10. कहते हैं प्रेम की कोई भाषा नहीं होती ....जो कहते हैं बिल्कुल सच कहते हैं और ऐसी ही कविता लिखते /पढते हैं । हम भी खूबे झगडते हैं चाहे उसके बाद ....ई उपर वाला कोर्स पूरा कंपलीट न भी होता हो ....मगर झगडा तो होईबे करता है ...अबके झगडा के बाद आपकी ई कविता सुनाई जाएगी ...पक्का पक्का ॥

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  11. सरल सुगम्य अंगरेजी में कोमल/मासूम अनुभूतियों को दुलराती कविता!

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  12. पहली बात पते की कही...

    आगे जो भी है... WHAT A SITUATION...FULL OF EMOTIONS!!

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  13. सुन्दर कविता....आपकी डायरी गुम हो जाने का हमें भी अफ्सोसो है....कुछ और ख़ूबसूरत पंक्तियाँ पढने को मिल जातीं.

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  14. बिलकुल सही कहा आप ने हम तो सप्ताह मै एक दो बार लडते है, सिर्फ़ हम बीबी चुप रहती है,वेसे भी खट्टा मिट्ठा हमेशा स्वाद लगता है, वेसे प्यार क्या है यह मै नही जानता, लेकिन हम एक दुसरे की भावनाओ को कभी ठेस नही पहुचाते, ओर मैने इस कविता को रट लिया कल परसो जब भी मोका मिला लडने का तो फ़िर इस कविता के बाण छोडूगां:)

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  15. "quarrel is the renewal of love.."- बहुत पहले पढ़ा था । बाद में महसूस भी किया ।

    कविता ने वह सुकुमार अनुभूति सम्मुख खड़ी कर दी है । कविता का नैसर्गिक सहज प्रवाह उपयुक्त है वह प्रतीति दिलाने में । जब यह पढ़ रहा हूँ तो उस प्रेम के गहरे पारावार का अनुभव कर रहा हूँ -
    "And now
    Once again
    I want to shout
    to laugh
    to cry
    with you..."


    कवितायें देती रहें । उपयुक्त लगती हैं वह यहाँ । आभार ।

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  16. अच्छी लगी यह कविता ज़िन्दगी में खट्टा मीठा दोनों जरुरी है जी

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  17. अंग्रेज़ी तो हम भी नहीं पढ़ सकते मगर भूमिका से भाव समझ आ गए हैं. जिन-जिन से झगड़ना है, उनकी लिस्ट बनानी शुरू कर दी है.

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  18. प्रेम अलग अलग तरह से अभिव्‍यक्‍त होता है । झगडा भी उसका एक ढंग है । सिर्फ औपचारिक संबंधों में ही कभी झगडा नहीं होता । संबंधों को जीवंत बनाए रखने के लिए झगडा आवश्‍यक है । खुलकर झगडा करने से मन हल्‍का हो जाता है और स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहता है । जिन्‍हें कसरत करना अच्‍छा न लगता हो उन्‍हें नियमित रूप से झगडना चाहिए । बलप्रयोग किये जाने पर कई तरह के व्‍यायाम हो जाते हैं ।

    आंग्‍लभाषा की कविता बढिया है । सबसे बडी खासियत की समझ में आ गई ।

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  19. रोज ही ... झगड़ते हैं ...... नहीं जी.....

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  20. thank you so much ma'm for this beautiful poem.
    today sanjeeta is going to feel great once i recite this poem to her....

    सोचा इंगलिश में टिप्पणी करूं। अपनी अर्धांगिनी को सुनाने जा रहा हूँ ये कविता। सेव कर लिया है।

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  21. लीजिये सेव तो हो ही नहीं रहा है। चलिये लिख लेता हूँ।

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  22. बहुत ही सुंदर रचना है।

    pls visit...
    www.dweepanter.blogspot.com

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  23. वाह....वाणी जी अब अंग्रेजी में भी गज़ब ......???

    सही है रात न हो तो दिन का महत्त्व कौन जाने .....!!

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