शुक्रवार, 2 मई 2014

ब्लॉगिंग के पांच वर्ष पूर्ण होने की बधाई तो देंगे न .........

आज फेसबुक पर   शिखा  का चिंतन जारी है कि फेसबुक  परदेस की धरती से अपने देशवासियों से जुड़े होने का एक अच्छा उपयोगी माध्यम है , कुछ बुराइयां होने के बावजूद भी . अभिव्यक्ति के अनेकानेक माध्यमों में यह बहस चलती ही रहती है कि सोशल साईट्स उपयोगी है या जंजाल . मनन चिंतन और विमर्श के प्रत्येक दौर के बाद निष्कर्ष यही निकलता है कि यह अभिव्यक्ति एक सरल सहज माध्यम है . 
एक क्लिक पर एक गाँव जैसे स्पंदित होती दुनिया यहाँ सिमटी है जैसे  , सुदूर देशों से लेकर अपने देश के कोने कोने में जुटने वाली चौपालों जैसे ही .अपनों से मिलने जुलने , नए मित्रों से जान पहचान और सबसे अधिक अपनी बेलग बेलौस अभिव्यक्ति को एक स्वतंत्र मंच मिलता है . विभिन्न विषयों पर सहमति/असहमति भी होती है . 
अपने विचारों को मांजते दिमाग खुलता है ,विचारों में परिपक्वता आती है , वाक्/लेखन कौशल परिमार्जित होता नए लेखकों को प्रोत्साहित करता है , उनके करीअर को भी नई संभावनाएं देता है . आज ही मुकेश को लेखन की बदौलत आमदनी भी हुई . अपनी अभिव्यक्ति की आत्मसंतुष्टि के लिए हिंदी ब्लॉगिंग में  मददगार भी कम नहीं जो बिना मांगे भी बिना शर्त भी  जो रचनात्मकता और  तकनीक में सहयोग करते हैं . 
कई  बार तीखी बहसें , रिश्ते बिगाडती हैं , शत्रुता निभाने के लिए इस मंच का दुरूपयोग भी होता है, इसमें शक नहीं , मगर सामाजिक जीवन में भी यदा-कदा ऐसे माहौल के बीच सबको रहना ही पड़ता है , रिश्तों को निभाना भी होता है .
यद्यपि सोशल नेटवर्क के कारण हिंदी ब्लॉगिंग की गति में एक ठहराव या सुस्ती है.  मैं मानती हूँ कि सोशल नेटवर्क आपके विचारों को संकलित करने में सहायक है परन्तु विचारों का विस्तार में प्रकटीकरण ब्लॉगिंग में ही  बेहतर होता है .
समाचार पत्र , पत्रिकाओं और पुस्तकों  में रचनाएँ छपने  से  अब तक के अपने लेखन के सफ़र से उत्साहित हूँ , अभी बहुत लिखना है , बेहतर लिखना है , लिखते जाना  है ....बाकी ब्लॉगिंग की अपनी शुरुआत और सफ़र के बारे में तो अपनी पिछले चार वार्षिक प्रविष्टि में लिख ही चुकी हूँ , नया क्या लिखूं।  
कुछ बहुत अच्छे मित्र /मार्गदर्शक /शुभचिंतक भी है यहाँ , तो हतोत्साहित करने के साजोसामान भी हैं. मगर सकारत्मकता हमेशा ही विजयी होती है /होगी यही विचार मन में दृढ होता है . 
इस चिंतन मनन का कारण है कि आज ब्लॉगिंग की शुरुआत को पांच वर्ष  पूर्ण हुए . 
दे दीजिये बधाई और शुभकामनाये भी आगे के अनगिनत वर्षों के लिए ......
स्नेह के साथ उत्साहवर्धन करने और बेहतर सलाह देते हुए लेखन और प्रकशन के अनेक अवसर देने के लिए हिंदी ब्लॉगिंग और सभी साथी ब्लॉगर्स का ह्रदय से आभार !!!